जूट की खेती

जूट की खेती: आधुनिक तकनीक, संतुलित पोषण और अधिक रेशा उत्पादन का सम्पूर्ण मार्गदर्शन

जूट भारत की महत्वपूर्ण रेशा फसलों में से एक है। इसे “सुनहरा रेशा” भी कहा जाता है क्योंकि इससे बोरे, रस्सी, चटाई, बैग, पर्दे, कारपेट, पैकिंग सामग्री और कई प्रकार के पर्यावरण अनुकूल उत्पाद बनाए जाते हैं। जूट प्राकृतिक, biodegradable और eco-friendly fibre है, इसलिए आधुनिक समय में इसकी मांग फिर से बढ़ रही है। भारत में पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, ओडिशा, त्रिपुरा और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ भागों में जूट की खेती बड़े स्तर पर की जाती है।

कपास की खेती

कपास की खेती: आधुनिक तकनीक, संतुलित पोषण एवं अधिक उत्पादन का सम्पूर्ण मार्गदर्शन

कपास (Cotton) भारत की सबसे महत्वपूर्ण नकदी फसलों में से एक है। इसे "सफेद सोना" भी कहा जाता है क्योंकि यह देश के वस्त्र उद्योग की आधारशिला है। कपास से धागा, कपड़ा, तेल, पशु आहार तथा अनेक औद्योगिक उत्पाद तैयार किए जाते हैं। भारत विश्व के प्रमुख कपास उत्पादक देशों में शामिल है और लाखों किसान इसकी खेती से अपनी आजीविका प्राप्त करते हैं।

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