कुट्टू की खेती

कुट्टू की खेती (Buckwheat Farming) – उन्नत तकनीक, संतुलित पोषण एवं अधिक उत्पादन

कुट्टू (Buckwheat) एक महत्वपूर्ण छद्म-अनाज (Pseudo Cereal) फसल है, जिसे मुख्य रूप से पर्वतीय एवं ठंडे क्षेत्रों में उगाया जाता है। भारत में इसकी खेती उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, सिक्किम तथा उत्तर-पूर्वी राज्यों में अधिक होती है। कुट्टू का आटा विशेष रूप से व्रत (उपवास) के दौरान उपयोग किया जाता है तथा इसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम एवं एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।

राजगीरा/रामदाना की खेती

राजगीरा / रामदाना की खेती (Amaranth Farming) – उन्नत तकनीक, संतुलित पोषण एवं अधिक उत्पादन

राजगीरा (रामदाना/Amaranth) भारत की एक महत्वपूर्ण पोषक एवं नकदी फसल है। इसे सुपर फूड (Super Food) भी कहा जाता है क्योंकि इसके दानों में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फाइबर तथा आवश्यक अमीनो एसिड भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। भारत में इसकी खेती उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र तथा बिहार सहित अनेक राज्यों में की जाती है।

बरी की खेती

बरी की खेती (Bari Millet Farming) – श्री अन्न की उन्नत खेती और Sadaveer उत्पादों का उपयोग

बरी मिलेट्स यानी श्री अन्न वर्ग की एक पौष्टिक फसल है। यह कम पानी, कम लागत और हल्की भूमि में भी अच्छी तरह उगाई जा सकती है। बरी की खेती सूखा सहन करने वाली फसलों में मानी जाती है और किसानों के लिए लाभदायक विकल्प बन सकती है।

मंडुआ की खेती

मंडुआ की खेती (Finger Millet / Ragi Farming) – उन्नत तकनीक, संतुलित पोषण एवं अधिक उत्पादन

मंडुआ (रागी/Finger Millet) भारत के प्रमुख श्री अन्न (Millets) में से एक है। यह अत्यधिक पौष्टिक अनाज है, जिसमें कैल्शियम, आयरन, फाइबर, प्रोटीन एवं खनिज तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। भारत में इसकी खेती मुख्य रूप से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र तथा मध्य प्रदेश में की जाती है।

ब्राउनटॉप मिलेट की खेती

ब्राउनटॉप मिलेट की खेती (Brown Top Millet Farming) – उन्नत तकनीक, संतुलित पोषण एवं अधिक उत्पादन

ब्राउनटॉप मिलेट (Brown Top Millet) श्री अन्न (Millets) की एक महत्वपूर्ण एवं तेजी से लोकप्रिय हो रही फसल है। इसका वैज्ञानिक नाम Urochloa ramosa (पूर्व नाम: Brachiaria ramosa) है। यह कम पानी, कम लागत तथा कमजोर भूमि में भी अच्छी पैदावार देने वाली फसल है। भारत में इसकी खेती कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान तथा उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में शुरू हो चुकी है।

झंगोरा की खेती

झंगोरा की खेती (Barnyard Millet Farming) – उन्नत तकनीक, संतुलित पोषण एवं अधिक उत्पादन

झंगोरा (Barnyard Millet) श्री अन्न (Millets) की एक अत्यंत पौष्टिक एवं कम अवधि में तैयार होने वाली फसल है। इसका वैज्ञानिक नाम Echinochloa frumentacea है। भारत में इसकी खेती मुख्य रूप से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु तथा कर्नाटक में की जाती है।

कुटकी की खेती

कुटकी की खेती (Little Millet Farming) – उन्नत तकनीक, संतुलित पोषण एवं अधिक उत्पादन

कुटकी (Little Millet) श्री अन्न (Millets) की एक अत्यंत पौष्टिक एवं कम अवधि में तैयार होने वाली फसल है। इसका वैज्ञानिक नाम Panicum sumatrense है। भारत में इसकी खेती मुख्य रूप से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, झारखंड, ओडिशा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में की जाती है।

बाजरा की खेती

बाजरा की खेती (Pearl Millet Farming) – उन्नत तकनीक, संतुलित पोषण एवं अधिक उत्पादन

बाजरा (Pearl Millet) भारत की प्रमुख श्री अन्न (Millets) फसलों में से एक है। इसका वैज्ञानिक नाम Pennisetum glaucum है। यह कम पानी, अधिक तापमान तथा हल्की भूमि में भी सफलतापूर्वक उगाई जाने वाली फसल है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक तथा तेलंगाना में इसकी बड़े पैमाने पर खेती की जाती है।

खरबूजा की खेती

खरबूजा की खेती: उन्नत तकनीक, संतुलित पोषण और अधिक उत्पादन का सम्पूर्ण मार्गदर्शन

खरबूजा गर्मी के मौसम की प्रमुख फल वाली फसल है। इसे Muskmelon भी कहा जाता है। खरबूजा कम अवधि में तैयार होने वाली और बाजार में अच्छी मांग वाली फसल है। इसके फल मीठे, सुगंधित, रसदार और पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। गर्मियों में खरबूजे की मांग बहुत अधिक रहती है, इसलिए किसान सही तकनीक अपनाकर कम समय में अच्छा लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

तरबूज की खेती

तरबूज की खेती: उन्नत तकनीक, संतुलित पोषण और अधिक उत्पादन का सम्पूर्ण मार्गदर्शन

तरबूज गर्मी के मौसम की प्रमुख फल वाली फसल है। यह कम अवधि में तैयार होने वाली और किसानों को अच्छा लाभ देने वाली फसल मानी जाती है। तरबूज का उपयोग ताजे फल, जूस और बाजार बिक्री के लिए बड़े स्तर पर किया जाता है। इसकी मांग गर्मियों में बहुत अधिक रहती है।

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